कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, जबलपुर की स्थापना की स्वर्णजयंती समारोहपूर्वक आयोजित करने हेतु कृषि अभियंताओं की बैठक दिनांक 02.10.16 का विवरण।
बैठक का संचालन श्री एस.के.उपाध्याय, द्वारा किया गया। उनके द्वारा सभी उपस्थित अभियंताअें का स्वागत किया गया तथा संक्षिप्त में बैठक के उद्देश्य के संबंध में सभी को अवगत कराया। सभी उपस्थित अभियंताओं द्वारा अपना-अपना परिचय दिया गया। इसके उपरांत श्री ए.के.नेमा द्वारा पुरानी यादों को ताजा करने के लिये एक पावरपाईंट प्रजेनटेशन प्रस्तुत किया गया जिसमें कॉलेज की स्थापना से लेकर अभी तक उपलब्ध अत्यंत दुर्भल फोटोग्राफ्स का कलेक्शन प्रस्तुत किया गया। सभी अभियंताओं द्वारा इसका आनंद लिया गया तथा पुरानी यादें तरो-ताजा करने के लिये श्री ए.के.नेमा का धन्यवाद किया गया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुये श्री ए.के.नेमाजी द्वारा स्वर्णजयंती समारोह की रूपरेखा का पावरपाईंट के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण में आयोजन दिनांक, स्थल, कार्यसमिति के गठन, अतिथियों के आमंत्रण तथा उनके रूकने की व्यवस्था, वाहन व्यवस्था आदि के प्रस्तावित कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। प्रस्तुतीकरण उपरांत विभिन्न बिन्दुओं पर कृषि अभियंताओं द्वारा खुली राय चाही गई तथा उसके आधार पर निम्नानुसार निर्णय लिये गये -
1. कार्यक्रम का आयोजन स्थल - चर्चा के दौरान आयोजन होटल में रखने का भी विचार सामने आया परंतु सभी के द्वारा एक मत से निर्णय किया गया कि आयोजन स्थल कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, जबलपुर को ही रखा जाना उचित होगा। इससे पूर्व के विद्यार्थियों, वर्तमान विद्यार्थियों तथा शिक्षकगणों के मध्य एक आत्मीय संपर्क स्थापित हो सकेगा। सदस्यों द्वारा यह विचार व्यक्त किया गया कि पुरानी यादों को ताजा करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम पुरानी बिल्डिंग (कुकुट)। कुकुट से नई बिल्डिंग तक एक मार्च भी निकाला जा सकता है। इस मार्च का नाम ‘‘विरासत की सैर’’ रखने के सुश्री रोली शिवहरे के प्रस्ताव पर सभी के द्वारा सहमति व्यक्त की गई।
2. कार्यक्रम की अवधि तथा तिथि - मुख्य कार्यक्रम 2 दिवस के रखने तथा तीसरे दिन भेड़ाघाट भ्रमण आदि का कार्यक्रम रखने के संबंध में सहमति बनी। तिथि के निर्धारण के संबंध में यह विचार व्यक्त किया गया कि आयोजन जुलाई के पूर्व कभी भी किया जा सकता है। आयोजन की तिथि निर्धारण के पहले विधानसभा सत्र् के केलेण्डर को ध्यान में रखना आवश्यक है क्योंकि विधानसभा सत्र् के दौरान शासकीय सेवा में कार्यरत् कृषि अभियंताओं की उपस्थिति मुश्किल हो सकती है। अन्य सुझावों में शादी-विवाह के कार्यक्रमों तथा कॉलेज में परीक्षाओं के केलेण्डर को भी ध्यान में रखे जाने का विचार आया जिस पर सभी अभियंताअें द्वारा सहमति व्यक्त की गई। साथ ही कॉलेज की सांस्कृतिक गतिविधियों का कार्यक्रम भी इन्हीं दिनों किये जाने का प्रस्ताव कॉलेज के सम्मुख रखे जाने का निर्णय किया गया। श्री उपाध्याय जी द्वारा श्री आर.के.नेमा जी अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय से दूरभाष पर संभावित तिथियों के संबंध में चर्चा की गई। यह ज्ञात हुआ कि दिसंबर 2016 में कॉलेज की परीक्षायें होने के कारण यह कार्यक्रम उस माह में संभव नहीं होगा। कार्यक्रम का आयोजन जनवरी के अंतिम सप्ताहों में किया जा सकता है। इस हेतु चर्चा उपरांत दिनांक 21 एवं 22 जनवरी 2017 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई। यह निश्चित किया गया कि आयोजन समिति इस संबंध में सभी पहलूओं पर विचार कर निर्णय लेगी जिससे अधिक से अधिक संख्या में पूर्व के कृषि अभियंताओं को जोड़ा जा सकेगा।
3. अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था - इस हेतु विश्वविद्यालय के गेस्टहाउस, रेस्टहाउस तथा किसान हॉस्टल में कमरें आरक्षित कराये जाने पर विचार हुआ। अन्य स्थानों जैसे होटल आदि में रूकने की व्यवस्था सदस्यों को स्वयं ही करनी होगी। इस हेतु समन्वय के कार्य हेतु किसी को नियुक्त किया जा सकता है। इस बिन्दु को भी कार्यक्रम की तिथि निर्धारण में ध्यान रखा जाना उचित होगा।
4. समारोह का उद्घाटन तथा मुख्य अतिथि - समारोह के उद्घाटन के लिये माननीय मुख्यमंत्रीजी तथा किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्रीजी को आमंत्रित किये जाने के विचार पर सहमति व्यक्त की गई।
5. प्रोफेसर आर्या की मूर्ति की स्थापना - श्री करसोलियाजी द्वारा कृषि अभियांत्रिकी कॉलेज में प्रोफेसर आर्या की मूर्ति की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया जिसका व्यय भी स्वयं उनके द्वारा किया जायेगा। उपस्थित अभियंताओं द्वारा प्रस्ताव का स्वागत किया गया तथा इस संबंध में कॉलेज एवं विश्वविद्यालय से परामर्श करने का निर्णय लिया गया।
6. कार्यक्रम संचालन व्यवस्था -
(अ) इस हेतु एक मिनी ऑफिस बनाये जाने पर सहमति व्यक्त की गई। मिनी ऑफिस के द्वारा सदस्यों को आमंत्रित किया जाना, सेवानिवृत्त प्रोफेसरर्स तथा कृषि अभियंताओं को खोजना तथा उन्हें कार्यक्रम में सम्मिलित कराना, समन्वय तथा टिकिट बुकिंग आदि कार्यो में सहयोग का कार्य किया जायेगा।
(ब) यह निर्णय किया गया कि प्रत्येक बैच के 2 से 3 एक्टिव अभियंताओं को उनके बैच के सभी अभियंताओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी जावे। इस क्रम में विभिन्न बैचों के कृषि अभियंताओं का चयन भी किया गया।
(स) श्री ए.के.नेमाजी द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा एक ब्लॉग बनाया गया है जिसमें कॉलेज से पढ़े हुये कृषि अभियंताओं की सूची उपलब्ध है। यदि कोई चाहे तो इसमें अन्य अभियंताओं की जानकारियां भी अपलोड कर सकता है।
उपरोक्त कार्यक्रमों के संचालन हेतु एक कमेटी की आवश्यकता सदस्यों द्वारा महसूस की गई तथा एक एल्यूमिनाई एसोसिएशन बनाने का निर्णय लिया गया। एसोसिएशन का नाम College fo Agriculture Engineering (Jabalpur) Alumi Asociation
उपरोक्त अनुसार चर्चा उपरांत सभी के द्वारा श्री करसोलिया जी द्वारा आयोजित स्वल्पाहार का आनंद लिया गया तथा बैठक समाप्त हुयी। -----------------------------------------------------------------------
----------------------------------------------------------------------------
कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, जबलपुर की स्थापना की स्वर्णजयंती समारोह के आयोजन की रूपरेखा तैयार करने हेतु महाविद्यालय के कृषि अभियंताओं की एक बैठक टेक्नोक्रेट इंस्टीटियूट ऑफ टेक्नालॉजी, भोपाल के सभागृह में दिनांक 02.10.16 को दोपहर 3 बजे से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री रामराज करसोलिया, चेयरमैन, टीआईटी भोपाल द्वारा की गई। बैठक में उपस्थित कृषि अभियंताओं की सूची संलग्न है। बैठक का संचालन श्री एस.के.उपाध्याय, द्वारा किया गया। उनके द्वारा सभी उपस्थित अभियंताअें का स्वागत किया गया तथा संक्षिप्त में बैठक के उद्देश्य के संबंध में सभी को अवगत कराया। सभी उपस्थित अभियंताओं द्वारा अपना-अपना परिचय दिया गया। इसके उपरांत श्री ए.के.नेमा द्वारा पुरानी यादों को ताजा करने के लिये एक पावरपाईंट प्रजेनटेशन प्रस्तुत किया गया जिसमें कॉलेज की स्थापना से लेकर अभी तक उपलब्ध अत्यंत दुर्भल फोटोग्राफ्स का कलेक्शन प्रस्तुत किया गया। सभी अभियंताओं द्वारा इसका आनंद लिया गया तथा पुरानी यादें तरो-ताजा करने के लिये श्री ए.के.नेमा का धन्यवाद किया गया।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुये श्री ए.के.नेमाजी द्वारा स्वर्णजयंती समारोह की रूपरेखा का पावरपाईंट के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण में आयोजन दिनांक, स्थल, कार्यसमिति के गठन, अतिथियों के आमंत्रण तथा उनके रूकने की व्यवस्था, वाहन व्यवस्था आदि के प्रस्तावित कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। प्रस्तुतीकरण उपरांत विभिन्न बिन्दुओं पर कृषि अभियंताओं द्वारा खुली राय चाही गई तथा उसके आधार पर निम्नानुसार निर्णय लिये गये -
1. कार्यक्रम का आयोजन स्थल - चर्चा के दौरान आयोजन होटल में रखने का भी विचार सामने आया परंतु सभी के द्वारा एक मत से निर्णय किया गया कि आयोजन स्थल कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, जबलपुर को ही रखा जाना उचित होगा। इससे पूर्व के विद्यार्थियों, वर्तमान विद्यार्थियों तथा शिक्षकगणों के मध्य एक आत्मीय संपर्क स्थापित हो सकेगा। सदस्यों द्वारा यह विचार व्यक्त किया गया कि पुरानी यादों को ताजा करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम पुरानी बिल्डिंग (कुकुट)। कुकुट से नई बिल्डिंग तक एक मार्च भी निकाला जा सकता है। इस मार्च का नाम ‘‘विरासत की सैर’’ रखने के सुश्री रोली शिवहरे के प्रस्ताव पर सभी के द्वारा सहमति व्यक्त की गई।
2. कार्यक्रम की अवधि तथा तिथि - मुख्य कार्यक्रम 2 दिवस के रखने तथा तीसरे दिन भेड़ाघाट भ्रमण आदि का कार्यक्रम रखने के संबंध में सहमति बनी। तिथि के निर्धारण के संबंध में यह विचार व्यक्त किया गया कि आयोजन जुलाई के पूर्व कभी भी किया जा सकता है। आयोजन की तिथि निर्धारण के पहले विधानसभा सत्र् के केलेण्डर को ध्यान में रखना आवश्यक है क्योंकि विधानसभा सत्र् के दौरान शासकीय सेवा में कार्यरत् कृषि अभियंताओं की उपस्थिति मुश्किल हो सकती है। अन्य सुझावों में शादी-विवाह के कार्यक्रमों तथा कॉलेज में परीक्षाओं के केलेण्डर को भी ध्यान में रखे जाने का विचार आया जिस पर सभी अभियंताअें द्वारा सहमति व्यक्त की गई। साथ ही कॉलेज की सांस्कृतिक गतिविधियों का कार्यक्रम भी इन्हीं दिनों किये जाने का प्रस्ताव कॉलेज के सम्मुख रखे जाने का निर्णय किया गया। श्री उपाध्याय जी द्वारा श्री आर.के.नेमा जी अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय से दूरभाष पर संभावित तिथियों के संबंध में चर्चा की गई। यह ज्ञात हुआ कि दिसंबर 2016 में कॉलेज की परीक्षायें होने के कारण यह कार्यक्रम उस माह में संभव नहीं होगा। कार्यक्रम का आयोजन जनवरी के अंतिम सप्ताहों में किया जा सकता है। इस हेतु चर्चा उपरांत दिनांक 21 एवं 22 जनवरी 2017 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई। यह निश्चित किया गया कि आयोजन समिति इस संबंध में सभी पहलूओं पर विचार कर निर्णय लेगी जिससे अधिक से अधिक संख्या में पूर्व के कृषि अभियंताओं को जोड़ा जा सकेगा।
3. अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था - इस हेतु विश्वविद्यालय के गेस्टहाउस, रेस्टहाउस तथा किसान हॉस्टल में कमरें आरक्षित कराये जाने पर विचार हुआ। अन्य स्थानों जैसे होटल आदि में रूकने की व्यवस्था सदस्यों को स्वयं ही करनी होगी। इस हेतु समन्वय के कार्य हेतु किसी को नियुक्त किया जा सकता है। इस बिन्दु को भी कार्यक्रम की तिथि निर्धारण में ध्यान रखा जाना उचित होगा।
4. समारोह का उद्घाटन तथा मुख्य अतिथि - समारोह के उद्घाटन के लिये माननीय मुख्यमंत्रीजी तथा किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्रीजी को आमंत्रित किये जाने के विचार पर सहमति व्यक्त की गई।
5. प्रोफेसर आर्या की मूर्ति की स्थापना - श्री करसोलियाजी द्वारा कृषि अभियांत्रिकी कॉलेज में प्रोफेसर आर्या की मूर्ति की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया जिसका व्यय भी स्वयं उनके द्वारा किया जायेगा। उपस्थित अभियंताओं द्वारा प्रस्ताव का स्वागत किया गया तथा इस संबंध में कॉलेज एवं विश्वविद्यालय से परामर्श करने का निर्णय लिया गया।
6. कार्यक्रम संचालन व्यवस्था -
(अ) इस हेतु एक मिनी ऑफिस बनाये जाने पर सहमति व्यक्त की गई। मिनी ऑफिस के द्वारा सदस्यों को आमंत्रित किया जाना, सेवानिवृत्त प्रोफेसरर्स तथा कृषि अभियंताओं को खोजना तथा उन्हें कार्यक्रम में सम्मिलित कराना, समन्वय तथा टिकिट बुकिंग आदि कार्यो में सहयोग का कार्य किया जायेगा।
(ब) यह निर्णय किया गया कि प्रत्येक बैच के 2 से 3 एक्टिव अभियंताओं को उनके बैच के सभी अभियंताओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी जावे। इस क्रम में विभिन्न बैचों के कृषि अभियंताओं का चयन भी किया गया।
(स) श्री ए.के.नेमाजी द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा एक ब्लॉग बनाया गया है जिसमें कॉलेज से पढ़े हुये कृषि अभियंताओं की सूची उपलब्ध है। यदि कोई चाहे तो इसमें अन्य अभियंताओं की जानकारियां भी अपलोड कर सकता है।
उपरोक्त कार्यक्रमों के संचालन हेतु एक कमेटी की आवश्यकता सदस्यों द्वारा महसूस की गई तथा एक एल्यूमिनाई एसोसिएशन बनाने का निर्णय लिया गया। एसोसिएशन का नाम College fo Agriculture Engineering (Jabalpur) Alumi Asociation
No comments:
Post a Comment